diabetichead

रात को मैने एक भयंकर नाईटमेयर देखा

जिसमें डॉ शर्मा ने एक परचा था मुह पे फेंका I

थी उसमें पर्चे में शुगर बड़ जाने की खबर
पड़ते ही जाने क्यों दिखने लगी मुझे अपनी कबर I

शुगर लेवल बुलंदिया छू रहा था , Weight पे भी तोह नहीं कंट्रोल था …
शरीर का Geographiyaa बिलकुल डामाडोल था I

Recommendations में walk, आयल फ्री खाना लिख दिया था उस नाचीज़ ने
पकोड़े, समोसे , टिक्की , परांठे मना कर दिए थे उस बद्तमीज़ ने I

पर्चे को घूरते घूरते जाने क्यों एक ख्याल आया
मैंने तोह weekend पे शाममी कबाब खाने का था प्लान बनाया I

अब क्या होगा चिंटू की शादी की दावते-ख़ास का
प्रोग्राम था जहाँ चिकन के स्नैक्स ठूस के आने का  I

अब तोह जलेबी से भी कोसों दूर भागना पडेगा
Cadburies सिल्क को सिर्फ दूर से ही ताकना पडेगा I

Dunkin Donuts, Haldiram के छोले भठूरे , फार्महाउस पिज़्ज़ा अब सपने में ही खाऊँगी
हैदराबादी मटन बिरयानी , चिकन टिक्का रोल तोह चाह के भी न चख पाऊँगी I

अब तोह फीकी सी दाल , सादी रोटी और घीया तोरी ही सहारा है
परमल , सीताफल , कदू के बिना अब होना नहीं गुज़ारा है

हे भगवन कम से कम एक वार्निंग सिग्नल तोह दिया होता
इस डाइट प्लान की शिफ्टिंग से पहले मैने सब चक्ख तोह लिया होता

अभी तोह बर्गर किंग के नई आउटलेट में भी जाना बाकि था
वर्ल्ड फेमस ब्लैक बर्गर को चक्ख के भी तोह आना बाकि था

मेरे फ़ेवरिट मोती चूर के लड्डू अब दुकानो में सड़ेंगे
अब तंदूरी मोमोस मेरे पेट के कुएं में जाने के लिए आपस में नहीं लड़ेंगे

अब दावते – महफ़िल पे जाने भी एक सज़ा लगेगा
खाते देख सब लोगो को अब यह कलेजा सड़ेगा

रबड़ी , गुलाब जामुन , जलेबी अब हो जाएंगी परायी
क्यों सिरफिरे डॉक्टर ने मुझे शुगर हो जाने की पर्ची है थमाई?

अब तोह बस स्मार्ट फ़ोन से Food Panda, Faasos और zomato की APP delete करनी है
उस की जगह होमपथिक नुस्के, शुगर से बचाव के उपाए , आयुर्वेदिक उपचार की इनफार्मेशन भरनी है

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हर नए शुगर पेशेंट की दिल की कहानी

diabetichead

रात को मैने एक भयंकर नाईटमेयर देखा

जिसमें डॉ शर्मा ने एक परचा था मुह पे फेंका I

थी उसमें पर्चे में शुगर बड़ जाने की खबर
पड़ते ही जाने क्यों दिखने लगी मुझे अपनी कबर I

शुगर लेवल बुलंदिया छू रहा था , Weight पे भी तोह नहीं कंट्रोल था …
शरीर का Geographiyaa बिलकुल डामाडोल था I

Recommendations में walk, आयल फ्री खाना लिख दिया था उस नाचीज़ ने
पकोड़े, समोसे , टिक्की , परांठे मना कर दिए थे उस बद्तमीज़ ने I

पर्चे को घूरते घूरते जाने क्यों एक ख्याल आया
मैंने तोह weekend पे शाममी कबाब खाने का था प्लान बनाया I

अब क्या होगा चिंटू की शादी की दावते-ख़ास का
प्रोग्राम था जहाँ चिकन के स्नैक्स ठूस के आने का  I

अब तोह जलेबी से भी कोसों दूर भागना पडेगा
Cadburies सिल्क को सिर्फ दूर से ही ताकना पडेगा I

Dunkin Donuts, Haldiram के छोले भठूरे , फार्महाउस पिज़्ज़ा अब सपने में ही खाऊँगी
हैदराबादी मटन बिरयानी , चिकन टिक्का रोल तोह चाह के भी न चख पाऊँगी I

अब तोह फीकी सी दाल , सादी रोटी और घीया तोरी ही सहारा है
परमल , सीताफल , कदू के बिना अब होना नहीं गुज़ारा है

हे भगवन कम से कम एक वार्निंग सिग्नल तोह दिया होता
इस डाइट प्लान की शिफ्टिंग से पहले मैने सब चक्ख तोह लिया होता

अभी तोह बर्गर किंग के नई आउटलेट में भी जाना बाकि था
वर्ल्ड फेमस ब्लैक बर्गर को चक्ख के भी तोह आना बाकि था

मेरे फ़ेवरिट मोती चूर के लड्डू अब दुकानो में सड़ेंगे
अब तंदूरी मोमोस मेरे पेट के कुएं में जाने के लिए आपस में नहीं लड़ेंगे

अब दावते – महफ़िल पे जाने भी एक सज़ा लगेगा
खाते देख सब लोगो को अब यह कलेजा सड़ेगा

रबड़ी , गुलाब जामुन , जलेबी अब हो जाएंगी परायी
क्यों सिरफिरे डॉक्टर ने मुझे शुगर हो जाने की पर्ची है थमाई?

अब तोह बस स्मार्ट फ़ोन से Food Panda, Faasos और zomato की APP delete करनी है
उस की जगह होमपथिक नुस्के, शुगर से बचाव के उपाए , आयुर्वेदिक उपचार की इनफार्मेशन भरनी है

एक कविता Delhi वालों की रूटीन लाइफ पे

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दौड़ भाग …हर सुबह …हर सुबह ….दौड़ भाग

तयारी फुल कर के सोते है
फिर भी हर सुब्हे लेट होते हैI

Marathon जैसी जिंदगी लगती है
हर सुब्हे यह ‘ दिल वाली गाडी’ स्पीड पकड़ती हैI

लास्ट के 15 मिनट सबसे crucial होते है
जब कम से कम 50-60 काम पेंडिंग पड़े होते हैI

लंच , फॉयल पेपर , वाटर बोतल , सॉक्स की सर्च शुरू होती है
सुब्हे की चाय कम से कम दो बार गरम होती हैI

चाय नाश्ता खाया नहीं ठूसा जाता है
निकलते निकलते एक काम तोह जरूर याद आता हैI

दौड़ते भागते मेट्रो स्टेशन पहुंच जाते है
तभी सोचु हर महीने जूते क्यों घिस जाते हैI

स्कार्फ़, रुमाल , वॉलेट फिर भी भूल जाते है
पूरा सफर मेट्रो में लोगों की शक्लें देख देख के बिताते हैI

कहीं सीट की चिक चिक , मेट्रो वाली बहेनजी की अनाउंसमेंट सुन के आधा सफर काट जाता है
राजीव चौक पे पायरेटेड मूवी देखने का नंबर आता हैI

बाहुबली , माझी य फैंटम ही एक सहारा लगता है
या फिर फ़ोन के म्यूजिक गैलरी में बादशाह का नया गाना बजता है I

फिर जब ट्रैन से उतरने की बारी आती है
तब एक्चुअल गर्मी सहने की बारी आती हैI

शुरू होती है शेयर्ड ऑटो में 2 इंच एडजस्ट होने की तलाश
लटक लटक के ऑफिस जाने में जाने क्यों नानी याद आती हैI

गिरते , पड़ते पहुंच ही जातें है अपनी मंजिल : ऑफिस
हर सर्विसमैन की लाइफ हर सुब्हे येही cassette दोहराती हैI

~~ हरजीत कौर ~~